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Acidity - पेट की गैस अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे है तो इसे आपको पूरा पढ़ना चाहिए


Acidity - पेट की गैस
आज के समय में सबसे ज्यादा लोगो को गैस (acidity) की समस्या आम हो गया है लेकिन क्या आपको पता है यही गैस्टिक की समस्या आगे चलकर एक बड़ी भयानक बीमारी का रूप ले सकता जैसे की अपेंडिक्स पथरी लिवर की बीमारी बवासीर चर्म रोग जैसी जान लेवा बीमारी यह बीमारी धीरे धीरे पनपने लगती है और इसे लोग नजर अंदाज कर मेडिकल से कोई भी दवा का उपयोग कर लेते है चुकी दवा एक ड्रग है  जो की कुछ समय एक दिन दो दिन के लिए ठीक होती है फिर वही समस्या सुरु हो जाती है.
 W.H.O. विश्व स्वस्थ्य संगठन के एक रिपोर्ट के अनुशार प्रत्येक 10 में से 6 लोग गैस की समस्या से पीड़ित है कारन है, हमारा खान पान वर्तमान समय में जहरीला हो चूका है सभी खाद्य सामग्री ज्यादा लाभ के चक्कर में लोग मिलावट या रसायन (CHAMICAL) का उपयोग बढ़ा रहे है चुकी हमारा खान पान प्राकृतिक न होकर मिलावटी हो चूका है इस लिए हमारा लिवर उसे पचा नहीं पाता और जो खाना नहीं पच पाता गैस के रूप में टोक्सिन का निर्माण करने लगता है टोक्सिन एक तरह की हमारे सरीर में बनने वाला विषैला रसायन CHAMICAL होता है जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम अर्थात बीमारियों से लड़ने की ताकत को नस्ट करने लगती है जिससे जैसे की मैंने ऊपर बताया वो बीमारिया बड़ा रूप लेने लगती है जिसके परिणाम स्वरुप लोगो को बहोत धन और समय का नुकशान उठाना पड़ता है ऑपरेशन तक करना पड़ता है
तो दोस्तों अगर आप जगरूक हो और इन बिमारियो से बचना चाहते है तो आपको अपने खान  पान  की आदतों को सुधारे
तो चलिए उपचार की बात करते है तो आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास समय नहीं की वो इन बातो का ध्यान रखे तो हम आपको ऐसे ही आसान उपचार बताते है जिससे आप के आहार में होने वाली कमी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने में और पाचन शक्ति को बरकरार रखने में आपकी मदर करता है

1.एलोवेरा-  जी आप लोग इसे जानते है नाम भी सुना होगा और देखा भी होगा लेकिन हम आपको बता दे की इसकी भी बहोत सी प्रजाति पाई जाती है एलोवेरा एक, एलो बैरबांडेन्सिस का वानस्पतिक नाम है जो की उत्तरी अमेरिका कैनरी आइस्लैंड तथा कैप वर्डे में मूल रूप से पाया जाता है इस पौधे की विशेषताओ का उल्लेख हमारे आयुर्वेद में भी मिलता है
एलोवेरा को एक चमत्कारी पौधे के रूप में जाना जाता है इसमें संभावित रूप से 75 सक्रीय घटक पाए जाते है जिनमे विटामिन, एंजाइम, खनिज, शर्करा, लिग्निन, सैपोनिन, सैलिसिलिक अम्ल तथा एमिनो अम्ल शामिल है एलोवेरा में 20 से अधिक एमिनो अम्ल पाया जाता है 


एलोवेरा के लाभ-
1. एलोवेरा में ठंढक तथ शांति पंहुचाने के गुण होते है, तथा त्वचा व बालो को स्वस्थ रखते है
2. यह पचा तंत्र के लिए शामक के रूप में कार्य करता है और सुचारु पाचन सुनिश्चित करता है| तथा कब्ज एसिडिटी में लिवर की ताकत बढाता है
3. एलोवेरा कोशिकीय स्तर पर भी शरीर के प्रतिरक्षण को मजबूती प्रदान करता है तथा प्रतिरक्षी तंत्र उत्प्रेरीत करता है

नोट- वेटिज नामक एक भारतीय कंपनी १०० प्रतिशत शुद्ध एवं सर्वोत्तम उत्पाद तैयार करती है तय मात्रा में जितनी हमारे शरीर की आवश्यकता होती है एक खास मात्रा में कैप्सूल के रूप में बनाती है इस उत्पाद को लेने के लिए 8770405938 पर संपर्क करे मेरा नाम देवेश कुमार खण्डेल है

खुराक- एक या दो कैप्सूल दिन में दो बार 
यह एक आयुर्वेदिक प्रोप्रिटेरी मेडिसिन
यदि आपकी पहले से कोई दवाई चल रही है तो उसे चलने दे उसे आपको बंद नहीं करना है

2. आंवला - आंवला को भारतीय गूजबेरी या संस्कृत में अम्लाकी कहा जाता है| आयुर्वेद में आंवला को इसके औषधीय लाभों के कारन 3000 से अधिक वर्षो से जाना जाता है और इसे अच्छे स्वाथ्य का प्रतिक माना जाता है| इसका गोलाकार छोटा हरे रंग का फल होता है आंवला विटामिन  C, एंटीऑक्सीडेंट, टैन्नीन्स, पोलीफेनॉल्स तथा खनिजों जैसे की कैल्शियम फास्फोरस और आइरन का अच्छा श्रोत है


आंवला के लाभ-
1.  आंवला प्राकृतिक विटामिन C का श्रोत है| यह शरीर के प्रतिरक्षी तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक है क्योकि ये प्रबल एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है
2. विटामिन C कोलैजेन के संश्लेषण के लिए आवस्यक होता है| कोलैजेन शरीर की कोशिकाओं को एक साथ रखने में सहायक होता है जिससे बालो, नाखुनो, तथा त्वचा की स्थिति में सुधार करता है और कोशिकाओं का संवर्धन करता है
3. आंवला पाचन के लिए बहोत अच्छा होता है और यह शरीर को हमारे द्वारा लिए जाने वाले भोजन के पोषक तत्वों को अवशोषित पचा कर शरीर में समाहित करने में मदद करता है
4. यह अम्ल की वृद्धि में कमी करने और लिवर स्वस्थ रखने में सहायक होने के साथ-साथ विषैले तत्वों  को शरीर से बहार निकालने में भी सहायक है

 नोट -यह उत्पाद भी वेस्टीज 100 प्रतिशत तय मात्रा में हमरे शारीरिक आवस्यकता के अनुशार कैप्सूल में तैयार करती है

खुराक- एक कैप्सूल दिन में दो बार खाने के बाद  

3. आयुषंत टॉक्सक्लीन -
शरीर की आंतरिक सफाई के लिए, जिसेविष हरण कहा जाता है इस्टतम स्वस्थ्य कायम रखने के लिए एक जरूरी प्रक्रिया है हमरे शरीर में प्रदूषित वायु, जल , और भोजन लिए जाने वाले उच्च वसा, कम पोषक तत्वों वाले आहार, अनुपयुक्त जीवन शैली रहन सहन जैसे की व्यायाम का अभाव अत्यधिक वजन धूम्रपान इत्यादि के कारन विष संगृहीत हो जाते हैं  इन सब के कारन स्वस्थ्य सम्बंधित समस्याओ से समझौता करना पड़ता है क्योकि हमारा शरीर अपनी प्राकृतिक विश हरण क्षमता खो देता है
टॉक्सक्लीन आंवला (amblica officinalis), टर्मिनलिया बेलीरिका (terminalia bellirica), हरड़ (terminalia chebula), नीम , हल्दी , दालचीनी , कालीमिर्च , जैसे प्राकृतिक संघटको का अनूठा शक्तिशाली सविन्यास होता है


आयुषंत टॉक्सक्लीन के लाभ-
1. सामान्य रूप से वृहदांत्र को स्वस्थ रखता है|
2. पाचय  एवं उपाचय को नियंत्रित करता है
3. मुहासे, गंभीर व पुराने त्वचा रोगो को कम करता है तथा स्वस्थ त्वचा प्रधान करता है  
4. रक्त शुद्ध करने में सहायक होता ही
5. कब्ज में आराम देता है

यह उत्पाद भी वेस्टीज के पास उपलब्ध है आप 8770405938 पे संपर्क कर ले सकते है मेरा नाम देवेश कुमार खण्डेल है

अगर सदैव निरोगी रहना है तो भी आप इनका सेवन कर सकते है  हमारा यह ब्लॉग लिखने का यह उद्देस्य है बेहतर स्वस्थ्य की जानकारी देना और अच्छी उत्पाद देना अधिक जानकारी के लिए 8770405938 पर संपर्क करे धन्यवाद्

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